भारत की पहली कंप्यूटर कंपनियों में से एक, बेंगलुरु की यह कंपनी 50 साल की हो गई!

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Future Of Technology Business PSI जिसे अब ProcSys के नाम से जाना जाता है, उसकी शुरवात बैंगलोर से हुई थी। उस समय लोग इस भविष्यात्मक व्यवसाय को सम्मझ नहीं पाये थे।

जब वे Computer Device को लेकर लोगों को प्रस्तुत करते थे, लोग इसके तिरस्कार में स्टील और लकड़ी के डब्बों लेकर घूमनेवालों के नाम से इसके बारे में बातें करते थे। एक विचार को विश्वास तक मुकाम पर लानेवाली इस कंपनी को इस वर्ष 50 साल पूरे हो गए।

India's First Tech Company
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Future Of Technology Business ProcSys की कहानी

1973 की शुरुवात से one of the first computer companies in India की सूचि में शामिल Processor Systems (India) Pvt Ltd (PSI) को इस वर्ष 50 वर्ष हुए हैं। इस व्यवसाय को Richmond Road की Classic Building के बेसमेंट शुरू किया गया। 29,दिसंबर,1973 को एर्नाकुलम, केरला में रजिस्टर किया गया था।

रजिस्ट्रेशन के बाद PSI ने बंगलोरे में ऑफिस खोला। उस साय में बैंगलोर भारत के लिए सिलिकॉन वैली के सामान था।

Future Of Technology Business ProcSys को PSI कहा जाता था। PSI को तीन फोडनेर डायरेक्टर ने शुरू किया था। Late VK Ravindran (Ravi) और उनके भाई Late VK Harindran (Hari) के साथ Vinay Deshpande ने पीएसआई की स्थापना की।

स्वर्गीय वीके रवींद्रन (रवि) ने अमेरिका में बेल लैब्स के साथ काम करने का अवसर छोड़ दिया और यहां एक आईटी कंपनी शुरू करने के लिए भारत वापस आ गए थे। तब आईटी क्षेत्र में सीमित विकल्प थे, इसलिए वह चाहते थे, भारतीय इंजीनियरों को भी रोजगार मिले।

उनके भाई स्वर्गीय वीके हरिंद्रन (हरि), जो उस समय केरल में तोशिबा आनंद के साथ काम कर रहे थे। PSI कंपनी की स्थापना के लिए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। कंपनी के मुख्य तीसरे सदस्य विनय देशपांडे, रवि की तरह स्टैनफोर्ड से ग्रेजुएशन कर चुके थे और वे भी बेंगलुरु में पीएसआई स्थापित करने के लिए उनके साथ जुड़ गए।

Future Of Technology Business ProcSys को इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधिकारियों के एक समूह ने पीडीपी 11 डीईसी मशीनों के स्वदेशी समकक्ष विकसित करने के लिए समर्थन किया।

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इस आयोजा के तहत मौजूदा ऑपरेटिंग सिस्टम, कंपाइलर और इंटरप्रेटर्स ( existing operating systems, compilers and interpreters) को चलाने में सक्षम बनाने लिए पीडीपी निर्देश सेट (PDP instruction set) का अनुकरण करने के लिए सिस्टम को बिट-स्लाइस आर्किटेक्चर(bit-slice architecture) के साथ फिर से बनाया जाना था।

हालांकि Future Of Technology Business ProcSys को PSI कहते थे और पीएसआई एक छोटी कंपनी थी। Procsys अपनी स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय करना पड़ा था। उस समय में बिज़नेस के लिए फंड आना आसान नहीं था, क्योंकि बैंक उद्योग और इंजीनियरों को यह प्रयोग नहीं समझ आता थे और काफी समय तक अपने विचारों को समझाने में मेहनत लगती थी।

मगर अपने प्रतिनिधित्व में इसने उद्योग के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों को आकर्षित किया और आज तकनिकी जगत में अपनी योगदान के लिए जाने जाते हैं।

Future Of Technology Business ProcSys उर्फ़ PSI ने मिनी कंप्यूटर का अपना संस्करण बनाया था, जिसे PSI OMNI के नाम से ख्याति मिली। उस समय में उसे कमर्शियल कंप्यूटर के रूप में डिफेन्स के लिए इस्तेमाल किया गया जाता था। फोरट्रान 4 (FORTRAN 4) की मदद से उसे व्यवसाय और शैक्षिक कंप्यूटिंग के लिए भी इस्तेमाल करने में आया।

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Conclusion

Entrepreneur को Future Of Technology Business के चर्चा करते हुए, ऐसे उदाहरण भविष्यात्मक विचार करने बहुत मदद मिलेगी। हम इस किस्से की सहायता से Startup Entrepreneur और Investor को Business Idea के अकल्पनीय संकल्प को साकार करने के लिए वास्तविक बातों को पेश करते हुए, ऐसे ही और बिज़नेस बनाने की प्रेरणा देना चाहते हैं।

आपके रिसर्च में ऐसे कोई और उदाहरण और बिज़नेस नाम हो, तो हमें जरूर कमेंट करके बतायें।

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