Cotopay Indian Fintech Platform ने Shark Tank India Season 5 पर एक Business Payments और Expense Management प्लेटफ़ॉर्म प्रस्तुत किया है जो भारत में व्यवसायों के Business expenses को आसान बनाता है।
यह UPI Vouchers और e-RUPI तकनीक का उपयोग करता है ताकि कंपनियाँ अपने खर्चों को सहजता से प्रबंधित और ट्रैक कर सकें। Cotopay का उद्देश्य यह है कि UPI ecosystem का उपयोग सिर्फ व्यक्तिगत भुगतान के लिए न हो, बल्कि व्यावसायिक खर्चों के लिए भी किया जाए।
इस सिस्टम में कंपनियां अपने कर्मचारियों को डिजिटल वाउचर जारी कर सकती हैं। इन वाउचरों से कर्मचारियों को अलग से कार्ड या ऐप की आवश्यकता नहीं होती है। Cotopay व्यवसायों के खर्चों को पारदर्शी और अधिक नियंत्रनीय बनाता है।
Cotopay का लक्ष्य है कि खर्च की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट और ट्रैक-ऐबल हो। वाउचर आधारित भुगतान से सभी खर्च का रिकॉर्ड हमेशा उपलब्ध रहता है। यह issuer (जारी करने वाली कंपनी) के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट बनाता है।
खर्चों की वजह से होने वाली भूल या गलत डेटा का जोखिम कम होता है। इससे वित्तीय ऑडिट और compliance और भी सरल हो जाता है।
CotoPay Indian Fintech Platform Vision
Cotopay का vision है कि वह UPI Vouchers, e-RUPI, और Expense Management Platform के ज़रिये भारत के व्यवसायों के लिए खर्चों को cashless, transparent, और fully controlled digital payment ecosystem में बदल दे।
About CotoPay Indian Fintech Platform
India’s first e-RUPI Voucher Issuance Stack इसका मुख्य फीचर e-RUPI Vouchers है, जो prepaid digital vouchers के रूप में काम करते हैं। ये वाउचर सीधे किसी कर्मचारी के UPI एप में भेजे जाते हैं।
कर्मचारी इन वाउचरों से किसी भी मान्य QR कोड के ज़रिये भुगतान कर सकते हैं। यह वाउचर purpose locked यानी खर्च के विशिष्ट उद्देश्य के लिए लॉक होते हैं।
वाउचर का उपयोग केवल निर्धारित श्रेणी (जैसे fuel, meal, travel आदि) के अंदर ही होता है। इससे व्यवसायी खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख सकते हैं।
Cotopay के Dashboard से व्यवसाय प्री-निर्धारित नियम और बजट सेट कर सकते हैं। इसके बाद कंपनी वाउचरों को कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पर issue कर देती है। ये वाउचर कर्मचारी के मौजूदा UPI ऐप में ही दिखाई देते हैं।
कर्मचारियों को अलग से new app download नहीं करना पड़ता। केवल QR कोड को स्कैन करके भुगतान पूरा करना होता है। यह इश्यू-प्रक्रिया पूरी तरह seamless onboarding होती है। इसका मुख्य लाभ यह है कि पैसे कभी भी कर्मचारी के पास सीधे नहीं जाते।
पैसे Company Bank Account में बने रहते हैं। जब कर्मचारी वाउचर का उपयोग करते हैं, तभी पैसे ट्रांज़ैक्शन के रूप में निकलते हैं। इससे money leakages और bill frauds कम होते हैं।
यह प्रणाली व्यवसाय को खर्चों पर सटीक नियंत्रण देती है। सभी खर्चों का रिकॉर्ड अपने डैशबोर्ड पर digital reconciliation के साथ आता है।

Cotopay Voucher उपयोगकर्ता के existing UPI apps में ही उपलब्ध होते हैं। कर्मचारियों को किसी नए digital wallet या कार्ड की आवश्यकता नहीं होती। भुगतान के लिए उन्हें सिर्फ़ अपना UPI PIN दर्ज करना होता है। यह प्रक्रिया आसान और तेज़ होती है।
इसलिए कर्मचारियों को खर्चों के लिए reimbursement की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती। इससे उन्हें बहुत सुविधा मिलती है। Cotopay से खर्च प्रबंधन व्यवसायों के लिए कहीं अधिक सरल हो जाता है।
कंपनियाँ अपने कर्मचारियों के खर्चों को custom parameters के अनुसार नियंत्रित कर सकती हैं। इसके अलावा, वाउचरों के उपयोग से प्रशासनिक कार्य कम होता है। Real-time visibility के कारण खर्चों का ट्रैक रखना आसान होता है। इससे खर्चों की रिपोर्टिंग भी सटीक बनती है। इसके कारण व्यवसायों का समय और धन दोनों बचता है।
Cotopay का समाधान कई उद्योगों में उपयोगी है। जैसे Fleet Expense Management में डीज़ल, इंश्योरेंस, challan आदि खर्च को प्राथमिकता से नियंत्रित किया जा सकता है।
Corporate Expense Management में कंपनियाँ कर्मचारियों के भत्ता और खर्चों को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं। यह सभी कंपनियों के लिए उपयुक्त है, चाहे वे छोटी हों या बड़ी।
Cotopay सभी प्रकार के खर्चों को triggerable श्रेणियों में विभाजित करता है। इससे खर्चों की योजना और निगरानी दोनों आसान होती हैं। किसी भी कर्मचारी के लिए KYC की आवश्यकता नहीं होती है।
Cotopay वाउचर कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पर जारी होते हैं। इसलिए हर कर्मचारी बड़ी आसानी से Cotopay का उपयोग शुरू कर सकता है। कर्मचारियों को केवल अपना मौजूदा UPI ऐप खोलना होता है। इस प्रक्रिया के कारण ऑनबोर्डिंग में तेज़ी और सरलता आती है। यह छोटे और अस्थायी कर्मचारियों के लिए भी उपयुक्त बनता है।
CotoPay Indian Fintech Platform Founder
CotoPay Indian Fintech Platform Founder – Aviral Gupta (Co-Founder & CEO), Vidit Sidana (Co-Founder & CBO) और Uzair Syed Ahmed (Co-Founder & CTO)
CotoPay Indian Fintech Platform Investment Details
| CotoPay Shark Tank India Episode Number | Shark Tank India Season 5, Episode 27 |
| CotoPay Shark Tank India Episode Air Date | 10 February 2026 |
| CotoPay Ask in Shark Tank India | Update Soon |
| CotoPay Deal in Shark Tank India | Update Soon |
| CotoPay Investors From Shark Tank India | Update Soon |
Conclusion
Cotopay प्लेटफ़ॉर्म में सुरक्षित Role-Based Web Portal शामिल है। इससे विभिन्न उपयोगकर्ता जैसे admin, issuer, और analyst के लिए अलग-अलग नियंत्रण मिलता है। Plug-and-Play API Integration का उपयोग करके इसे मौजूदा HRMS या सिस्टम से जोड़ा जा सकता है।
प्लेटफ़ॉर्म स्केलेबल है और बड़े लेन-देन को आसानी से संभाल सकता है। इसकी सुरक्षा दो-स्तर end-to-end encrypted data flow के साथ होती है। यह तकनीक व्यवसाय के डेटा को सुरक्षित रखती है।
Cotopay विभिन्न Banking Partners और तकनीकी solution partners के साथ काम करता है। इन भागीदारों से वाउचर जारी करने, redemption और समर्थन प्रक्रिया में मदद मिलती है।
उदाहरण के लिए बैंक के साथ मिलकर e-RUPI vouchers का उपयोग अधिक व्यापक रूप से किया जाता है। इन साझेदारियों से सिस्टम के भरोसेमंद होने की पुष्टि होती है। यह भी सुनिश्चित करता है कि व्यवसायियों और कर्मचारियों को अच्छे भुगतान अनुभव मिलें।
Cotopay आज के डिजिटल युग में, का समाधान व्यवसायों के लिए बेहद उपयोगी है। यह UPI vouchers के माध्यम से खर्च प्रबंधन को सरल, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी बनाता है। मेडिकल से ले कर ट्रैवल तक लगभग हर प्रकार के खर्च को नियंत्रित किया जा सकता है।
Cotopay से कंपनियाँ अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकती हैं। आखिर में, यह तकनीक पारंपरिक खर्च प्रणालियों से कहीं अधिक स्मार्ट और आधुनिक विकल्प प्रदान करती है।
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