क्या IT Services और BPO Industry 5 Saal में खत्म हो जाएगी? जानिए AI Revolution 2026 की नई खबर!

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India AI Impact Summit 2026 में दुनिया के जाने-माने टेक निवेशक Vinod Khosla ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में IT services और BPO services लगभग समाप्त हो सकती हैं।

Khosla ने यह भविष्यवाणी artificial intelligence (AI) के तेजी से विकास के आधार पर कही। उनके अनुसार AI इतनी ताकतवर होगी कि यह इंसानों से कई काम बेहतर करेगा। यह बयान काफी चर्चा में है और भारतीय tech industry के लिए बड़े बदलाव का संकेत है।

Summit में फरवरी 2026 को उन्होंने यह भी कहा कि AI से “job displacement” यानी नौकरी की स्थिति बदल जाएगी। जहां आज लाखों लोग IT jobs और BPO jobs करते हैं, वहाँ AI इन कामों को स्वचालित कर सकता है।

इस वजह से युवाओं को नई स्किल और upskilling सीखना होगा। Khosla इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि AI से नई industries और नौकरी के अवसर भी बन सकते हैं। लेकिन जो कंपनियाँ AI के अनुरूप अपने आप को बदलेंगी वे ही टिक पाएँगी।

“AI vs Human Workforce, क्या Artificial Intelligence से गायब होंगी IT और BPO Jobs?

Artificial intelligence (AI) के तेजी से विकास का मतलब यह नहीं कि इंसानों की ज़रूरत पूरी तरह ख़त्म हो जाएगी। Khosla के अनुसार कुछ क्षेत्र जैसे art, literature और creative work में इंसानों की भूमिका बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि AI कई चीज़ें बेहतर करता है लेकिन भावनात्मक और रचनात्मक कार्यों में इंसान की जगह लेना मुश्किल होता है। इसलिए भविष्य में AI और humans के बीच साझेदारी की ज़रूरत होगी। Vinod Khosla ने कहा कि AI “अकाउंटिंग, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग” जैसे क्षेत्रों में मानवीय काम की ज़रूरत कम कर देगा।

उन्होंने जो शब्द उपयोग किए उनमें expertise-based professions और AI tools प्रमुख हैं, जो भविष्य में मानव काम को प्रतिस्थापित कर सकते हैं। Khosla का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में AI इंसानों से बेहतर प्रदर्शन करेगा। उन्हें लगता है कि 15 साल के भीतर अधिकांश कौशल-आधारित काम AI करेगा। इसीलिए IT/BPO companies को भी नए तरह के काम सीखने की आवश्यकता होगी।

Vinod Khosla ने कहा कि AI-driven economy से world economy में बड़ा बदलाव आएगा। AI तकनीक से उत्पादन और सेवाएँ सस्ती हो सकती हैं, जिससे inflation कम होने की संभावना है। इसके चलते देश और कंपनियाँ कम लागत में ज़्यादा उत्पाद दे पाएँगी।

AI Revolution 2026
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हालांकि Khosla ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्णय सही नहीं लिया गया तो यह inequality यानी असमानता भी बढ़ा सकता है। इसलिए सरकारों और policymakers के लिए यह एक चुनौती भी है।

IT services का भारत में बड़े पैमाने पर योगदान है और यह देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। Khosla का तर्क है कि अगर AI इन सेवाओं को “automate” कर देगा तो traditional business models बदलेंगे।

इसका मतलब यह भी है कि Indian IT firms को अपने service portfolios में AI-based products और solutions जोड़ने होंगे। भारत को AI को अपनाने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।

Summit में experts ने यह भी कहा कि AI के आने से job displacement के साथ new job opportunities भी बनेंगे। जैसे-जैसे AI tools बढ़ेंगे, AI को manage, develop और train करने वाले roles की मांग बढ़ सकती है।

इसलिए educational institutions को AI-related courses पर ज़ोर देना चाहिए। खुद Khosla ने कहा कि युवा पीढ़ी को AI product development और innovation पर ध्यान देना चाहिए। इससे वे भविष्य की economy में सफल हो सकते हैं।

Vinod Khosla ने कहा कि AI से न केवल IT/BPO jobs प्रभावित होंगे, बल्कि white-collar jobs यानी ऑफिस-आधारित नौकरियों में भी बड़ा बदलाव आएगा। AI systems कई तरह केकाम जैसे data processing, customer support और analytics को कर सकते हैं।

इससे human roles में कमी आ सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि नई technology में retraining और re-skilling पर ज़ोर देना ज़रूरी है। यदि लोग नई AI-skills सीखेंगे, तो वे खुद को आगे रख सकेंगे।

Summit में policymakers ने कहा कि AI के विकास के साथ policy frameworks और ethical guidelines भी ज़रूरी हैं। देश को AI के उपयोग को सुरक्षित और उत्तरदायी रूप से लागू करना होगा। साथ ही, AI के लाभ को समाज के सभी हिस्सों में बाँटना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इससे बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी और inequality को रोका जा सकता है।

भारतीय तकनीकी संगठन और नियोक्ता भी इस विषय पर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ tech leaders कहते हैं कि AI के कारण tech services industry “reset” होगी लेकिन खत्म नहीं होगी। वे मानते हैं कि AI से jobs evolve होंगी और पूरी तरह गायब नहीं होंगी।

इसलिए companies को hybrid workforce यानी AI और humans के साथ काम करने का model अपनाना चाहिए। यह नौकरी के स्वरूप को बदल सकता है लेकिन पूरी तरह ख़त्म नहीं करेगा।

Conclusion

AI Summit 2026 ने global economy और jobs के भविष्य पर बड़ा बहस खड़ी कर दी है। चाहे IT और BPO services के बारे में बहस हो या workforce evolution की बात, AI बदलाव की दिशा तय करेगा।

Indian tech ecosystem को AI-integration और skill development पर अधिक काम करना होगा। युवा, कंपनियाँ और सरकारें मिलकर AI भविष्य का निर्माण कर सकते हैं ताकि economic growth और employment दोनों बढ़ें।

Vinod Khosla का यह बयान IT और BPO उद्योग के लिए एक चेतावनी के रूप में आया है। Summits और tech forums में आज AI का topic सबसे बड़ा चर्चित विषय बन चुका है।

कंपनियाँ, सरकारें और युवा सभी अपने भविष्य को AI-ready बनाने की सोच रहे हैं। Khosla का कहना है कि भविष्य में AI के साथ adaptation ही सफलता और प्रतिस्पर्धा की कुंजी होगी।

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