Learning From Failure Business Lesson

Learning From Failure, Shark Tank India Episode 8 Shark Lesson of the Day में कोई किताबी बिज़नेस विषय नहीं लिया गया है। एक आशावादी सोच भी रुक जाए ऐसी बाधा देनेवाली सोच को पार करने शार्क नमिता थाप्पर (Shark Namita Thappar) ने विफलता को लेकर लोगों में सोच में बदलाव के लिए समझाया है। शार्क टैंक इंडिया पर बिज़नेस स्टडीज के विषय के साथ साथ दृष्टिकोण और मानसिक्ते को केंद्र में रखते हुए, भारत के हर कोने से आनेवाले लोगों को निर्देश करने के लिए Shark Lesson of the Day पर शार्क्स की विशेष शिक्षा पायी है।

इन Shark Lesson of the Day में और भी मंतव्य जोड़कर हम शार्क के वाक्य में बताये गए उद्देश्य पर विश्लेषण करने की कोशिश करते हैं। इतने अनुभव और ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद उन्होंने जो दिशा में निर्देश दिए हैं, उसपर एक एक कदम लेते हुए , अपनी विचारधारा के साथ साथ बिज़नेस करने की कुशलता में विक्सित होते रहेंगे।

Learning From Failure Business Lesson
Learning From Failure Business Lesson

Learning From Failure Lesson of The Day By Namita Thappar

“भारत में आज भी ये जो शब्द है – Failure, Setback के जिसे आप हिंदी में बोलते हैं कठिनाइयाँ, मुश्किलें से लोग बहुत मायूस हो जाते हैं। और अभी भी ये एक टैबू वर्ड (Taboo Word) माना जाता हैं। इसके बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहते हैं। और मेरा ये मानना है की failures को welcome करना चाहिए, उनका स्वागत करना चाहिए। क्योंकि सबसे ज्यादा सीख और growth आपको failures से मिलेगी। “

Learning From Failure Business Lesson
Learning From Failure Lesson of The Day By Namita Thappar

Shark Tank India Episode 8 Shark Lesson of the Day Failure related Quotes and Stories

बड़े बड़े इंटरप्रेन्योर और सफल लोगों ने विफलता (Failure) को देखने के दृष्टिकोण पर कुछ न कुछ कहा है। इंटरनेट पर देखें तो आपको अनगिनत सुविचार और कहानियां मिलेंगी जिनमे सफल व्यक्तियों ने अपने विफलता के समय की बातों को बताया है। शार्क नमिता थाप्पर (Shark Namita Thappar) Shark Tank India Episode 8 Shark Lesson of the DayFailure Lesson को जब कार्यक्रम में दिया और हमने इतना सारी चीज़ो को इस विषय पर पढ़ने लगे तो हर ऐसे बड़े एंटरप्रेन्योर ने इसपर बातें कही हैं। बाकी सब बिज़नेस स्टडीज के विषय पर हम सिखने को समय के साथ सिख ही जाते हैं। आज जो शार्क ने कहा और बाकी सफल लोगों ने Shark Lesson of the Day – Failure के विषय पर बताते आये हैं, उसमे हम देख सकते हैं की दृष्टिकोण हो तो रास्ते बनते रहते हैं।

हमने पांच जाने माने लोगों के Failure Quotes and Stories को आपके लिए पेश कर रहे हैं। आप भी इसपर खोजेंगे तो जानेनेगे के बिज़नेस की पढ़ाई उन प्रक्रियाओं की जानकारी हैं। व्यवसाय बड़े होते होते एक एक विषय बढ़ते ही जायेगा। लेकिन जो बड़ा करने विफलता से लड़ने की ताकर और दृष्टिकोण रखते हैं,वे सफल बन पाते हैं। बड़े हस्तियों ने भी किताबी ज्ञान पर अलग विषयों पर कहा होगा, लेकिन दृष्टिकोण को केंद्रित करने ऐसे विषयों पर हमेशा अपना वाक्य रखा है। ऐसी ही कुछ चुने हुए सुविचार और कहानियां को देखते हैं;

“It’s fine to celebrate success, but it is more important to heed the lessons of failure ”

-Bill Gates

संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति बनने से पहले बिल गेट्स (Bill Gates) तीन बार व्यापार में असफल और सात बार प्रचार में असफल रहे थे। बिल गेट्स (Bill Gates) हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ड्रॉपआउट (Harvard University Dropout) थे और बिल गेट्स का पहला व्यवसाय ट्रैफ-ओ-डेटा (Bill Gates First Business Venture Traf-O-Data) एक विफल बिज़नेस रहा था।

“जीवन की कई असफलताएं वे लोग हैं जिन्हें यह नहीं पता था कि जब उन्होंने हार मान ली तो वे सफलता के कितने करीब थे।

थॉमस एडिसन

“Many of life’s failure are people who did not realize, how close they were to success when they gave up.”

-Thomas Edison

“मैं असफल नहीं हुआ हूं, मैंने सिर्फ 10,000 तरीके खोजे हैं जो काम नहीं करेंगे।”

– थॉमस एडिसन

“I have not failed, I’ve just found 10,000 ways that won’t work.”

-Thomas Edison

किसी चीज में असफल हुए बिना जीना असंभव है, जब तक कि आप इतनी सावधानी से नहीं जीते कि आप शायद जी भी न रहे हों

– जे.के.रॉलिंग

It is impossible to live without failing at something, unless you live so cautiously that you might as well have not lived at all

– J.K.Rowling

जे.के. हैरी पॉटर का पहला उपन्यास लिखते समय राउलिंग बेरोजगार, तलाकशुदा और सामाजिक सुरक्षा पर एक बेटी की परवरिश कर रहे थे। उनका उपन्यास “हैरी पॉटर” 12 प्रकाशन गृहों ने खारिज कर दिया।

असफलता एक कंपनी की सोने की खान है

– रतन टाटा

Failure is a gold mine of a Company

– Ratan Tata

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टाटा समूह के संस्थापक और मालिक, श्री रतन टाटा ने इंडिका की शुरुआत की, लेकिन असफल रहे थे । कई लोगों को यह मॉडल पसंद नहीं आया था । उन्हें वाहन डिवीजन को बेचने की सलाह फड़ी गयी थी। उन्होंने फोर्ड मोटर जैसी कंपनियों से संपर्क किया और उसके मालिक बिल फोर्ड ने उनका अपमान किया कि वह उससे वाहन खरीदकर एक एहसान कर रहे हैं। लेकिन जब फोर्ड की जगुआर-लैंड रोवर को भारी नुकसान हुआ, तब मिस्टर टाटा ने कंपनी को दिवालिया होने से बचाने के लिए कदम रखा और उसे खरीद लिया। इससे उन्हें मोटर डिवीजन में सफल होने में मदद मिली और उन्होंने वाहनों से राजस्व अर्जित करके इतिहास रच दिया।

“If you fail, never give up because F.A.I.L. means “First Attempt In Learning”

– Dr APJ Abdul Kalam

“यदि आप असफल होते हैं, तो कभी हार न मानें क्योंकि एफ.ए.आई.एल. का अर्थ है “सीखने में पहला प्रयास”

– डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

यह घटना 1979 की है, एसएलवी-3 प्रक्षेपण के दौरान की है। एक मिशन जहां हजारों लोगों ने उपग्रह को एक कक्षा में स्थापित करने के लिए लगभग 10 वर्षों तक काम किया। किसी भी उपग्रह प्रक्षेपण में भारी धन, समय और प्रयास शामिल होते हैं। डॉ अब्दुल कलाम इस क्रिटिकल मिशन को मैनेज कर रहे थे, सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं और समय टिक रहा था।

जब जाने के लिए केवल कुछ सेकंड बचे हैं, तो टीम कंप्यूटर स्क्रीन पर कुछ तकनीकी गड़बड़ी का निरीक्षण करती है और गड़बड़ नियंत्रण प्रणाली में तेल रिसाव के साथ कुछ करना था।

डॉ कलाम और टीम त्वरित गणना करते हैं और इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि छोटे तेल रिसाव के बाद भी उपग्रह को लॉन्च करने के लिए पर्याप्त ईंधन है, लेकिन मिशन के साथ आगे बढ़ना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय डॉ कलाम के हाथों में था।

यदि लॉन्च नहीं करते हैं, तो इसरो जनता और सरकार का विश्वास खो देगा, यदि लॉन्च करते हैं और असफल हो जाते हैं, तो वर्षों के प्रयास और लाखों रुपये व्यर्थ हो जाएंगे। बेशक, यह एक कठिन निर्णय था और अंत में, डॉ कलाम “हाँ” कहते हैं।

निर्णय लिया गया था और उपग्रह शुरू किया गया था। यह एक 4 चरण का उपग्रह है। पहले चरण ने उम्मीद के मुताबिक काम किया और दूसरे चरण में उपग्रह बंगाल की खाड़ी में गिर गया। डॉ. कलाम ने जीवन में पहली बार “विफलता” का अनुभव किया।

लॉन्च के बाद, टीम को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करना था। उपग्रह प्रक्षेपण को कवर करने के लिए कई मीडियाकर्मी एकत्र हुए थे। डॉ कलाम पूरी तरह से डर गए थे। वह केवल सफलता का प्रबंधन करने के लिए जानते थे, लेकिन विफलता का सामना करने के तरीके का कोई सुराग नहीं था।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ सतीश धवन डॉ कलाम के पास आए और कहा कि चलो प्रेस का सामना करते हैं। मीडियाकर्मियों ने इसरो और मिशन की आलोचना की, उन्होंने लाखों रुपये फेंकने के लिए सवाल उठाया। धवन ने शांति से जवाब दिया, “हम आज असफल रहे हैं, मैं दोष लेता हूं और मैं अपनी टीम को उनके सभी प्रयासों के लिए सराहना करता हूं, हम अपनी अगली परियोजना के साथ बहुत जल्द वापस आएंगे और हम इसमें सफल होंगे।

अगले वर्ष, 18 जुलाई, 1980 को, इसरो की टीम एसएलवी -3 का दूसरा संस्करण लेकर आई, जिसमें रोहिणी सैटेलाइट -1 था। इसे सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया और एक कक्षा में स्थापित किया गया। उपग्रह में डिजिटल सन सेंसर, मैग्नेटोमीटर और तापमान सेंसर थे।

सफल प्रक्षेपण के बाद, गतिशील नेता डॉ धवन एक बार फिर डॉ कलाम के पास आए और उन्हें अकेले जाने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए कहा। नेता विफलता के दौरान उपलब्ध थे और उसने सभी दोष ले लिए लेकिन सफलता के दौरान, उन्होंने अपनी टीम को प्रेस का सामना करने के लिए कहा।

Conclusion

Learning From Failure “Shark Tank India Episode 8 Shark Lesson of the Day – Failure lesson” की इस बातों में से आपको भी प्रेरणा मिली होगी। कहानियों के इस किस्सों में असलियत को जब उँच्चाईयों तक दखते हैं तो हमारी कहानियों को भी सफल होने के रास्ते मिलते रहते हैं। प्रेरणा और सिखने के माध्यम बनाते हुए , हम हररोज आप की प्रतिक्रियाओं से भी कुछ न कुछ सीखते रहते हैं। उम्मीद को असलियत से जोड़नेवाले आज के विषय पर आपका कोई रास्ता मुमकिन सा बन पाया हो तो उस अनुभव को जरूर बताये।

“Shark Tank India Episode 8 Shark Lesson of the Day by Namita Thappar “ के वजह से मालूम हुआ की सिर्फ व्यापारी प्रक्रियाओं का अध्ययन करने से हम सफल इंटरप्रेन्योर नहीं बनते । हमें एक उम्मीदों को असलियत की वफलताओं से लढ़ते हुए Successful Business बनाना पड़ता है। सफलतााओं की शिक्षा लेने विफलताओं से लड़कर ही जाना पड़ता है। हम सफल लोगों की सराहना करना चाहें, तो पहले उनके वफ़ल किस्सों को जानना चाहिए और उनके संगर्ष को अपनेआप में उतारना चाहिए।

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